कवि को ऐसा विश्वास क्यों हैं कि उसका अंत अभी नहीं होगा?
view answer >फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि कौन-कौन-सा प्रयास करता है?
view answer >कवि पुष्पों की तंद्रा और आलस्य दूर हटाने के लिए क्या करना चाहता है।
view answer >वसंत को ‘ऋतुराज’ क्यों कहा जाता है? आपस में चर्चा कीजिए।
view answer >वसंत ऋतु में आने वाले त्यौहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए।
view answer >‘‘ऋतु परिर्वतन का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।’’-इस कथन की पुष्टि आप किन-किन बातों से कर सकते हैं? लिखिए।
view answer >कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़कर बताइए कि इनमें किस ऋतु का वर्णन है?
फूटे हैं आमों में बौर होली मची ठौर-ठौर
भौंर वन-वन टूटे हैं। सभी बंधन छूटे हैं।
स्वप्न भरे कोमल हाथों को अलसाई कलियों पर फेरते हुए कवि कलियों को प्रभात के आने का सन्देश देता है, उन्हें जगाना चाहता है और खुशी-खुशी अपने जीवन के अमृत से उन्हें सींचकर हरा-भरा करना चाहता है| फूलों-पौधों के लिए आप क्या-क्या करना चाहेंगे?
view answer >कवि अपनी कविता में एक कल्पनाशील कार्य की बात बता रहा है। अनुमान कीजिए और लिखिए कि उसके बताए कार्यों का अन्य किन-किन संदर्भों से संबंध जुड़ सकता है? जैसे-नन्हे-मुन्ने बालक को माँ जगा रही हो -----------------------।
view answer >‘हरे-हरे’, ‘पुष्प-पुष्प’ में एक शब्द की एक ही अर्थ में पुनरावृत्ति हुई है। कविता के ‘हरे-हरे से पात’ वाक्यांश में ‘हरे-हरे’ शब्द-युग्म पत्तों के लिए विशेषण के रूप में प्रयूक्त हुआ है। यहाँ ‘पात’ शब्द बहुवचन में प्रयुक्त है। ऐसा प्रयोग भी होता है जब कर्ता या विशेष्य एक वचन में हो और कर्म या क्रिया या विशेषण बहुवचन में जैसे; वह लंबी-चौड़ी बातें करने लगा। कविता में एक ही शब्द का एक से अधिक अर्थों में भी प्रयोग होता है- ‘‘तीन बेर खाती थीं वे तीन बेर खाती हैं।’’ जो तीन बेर (बार) खाती थीं वह तीन बेर (बार) खाने लगी हैं। एक
शब्द ‘बेर’ का दो अर्थों में प्रयोग करने से वाक्य में चमत्कार आ गया । इसे ‘यमक अलंकार’ कहा जाता है। कभी-कभी उच्चारण की समानता से शब्दों की पुनरावृत्ति का आभास होता है
जबकि दोनों दो प्रकार के शब्द होते हैं_ जैसे- मन का मनका। ऐसे वाक्यों को एकत्र कीजिए जिनमें एक ही शब्द की पुनरावृत्ति हो। ऐसे प्रयोगों को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित पुनरावृत्त शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिएः बातों-बातों में, रह-रहकर, लाल-लाल, सुबह-सुबह, रातों-रात, घड़ी-घड़ी।
‘कोमल गात, मृदुल वसंत, हरे-हरे ये पात’
विशेषण जिस संज्ञा (या सर्वनाम) की विशेषता बताता है, उसे ‘विशेष्य’ कहते हैं।
ऊपर दिए गए वाक्यांशों में ‘गात’, ‘वसंत’ और ‘पात’ शब्द विशेष्य हैं, क्योंकि इनकी विशेषता क्रमशः ‘कोमल’ ‘मृदुल’ और ‘हरे-हरे’, शब्दों से ज्ञात हो रही हैं।
हिंदी विशेषणों के सामान्यतया चार प्रकार माने गए हैं- गुणवाचक विशेषण, परिमाणवाचक विशेषण, संख्यावाचक विशेषण और सार्वनामिक विशेषण।
वसंत पर अनेक सुंदर कविताएँ हैं। कुछ कविताओं का संकलन तैयार कीजिए।
view answer >शब्दकोश में ‘वसंत’ शब्द का अर्थ देखिए। शब्दकोश में शब्दों के अर्थाें के अतिरिक्त बहुत-सी अलग तरह की जानकारियाँ भी मिल सकती हैं। उन्हें अपनी कापी में लिखिए।
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