कवि ने कठिन यथार्थ के पूजन की बात क्यों कही है?
view answer >भाव स्पष्ट कीजिए
प्रभुता का शरण-बिंब केवल मृगतृष्णा है,
हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है।
view answer >‘छाया’शब्द यहाँ किस संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है? कवि ने उसे छूने के लिए मना क्यों किया है?
view answer >कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है, जैसे कठिन यथार्थ। कविता में आए ऐसे अन्य उदाहरण छाँटकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इससे शब्दों के अर्थ में क्या विशिष्टता पैदा हुई?
view answer >‘मृगतृष्णा’ किसे कहते हैं, कविता में इसका प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
view answer >‘बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले’यह भाव कविता की किस पंक्ति में झलकता है?
view answer >कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए।
view answer >‘जीवन में हैं सुरंग सुधियाँ सुहावनी’से कवि का अभिप्राय जीवन की मधुर स्मृतियाँ से है। आपने अपने जीवन की कौन-कौन सी स्मृतियाँ संजो रखी हैं?
view answer >‘क्या हुआ जो खिला फूल रस-बसंत जाने पर?’ कवि का मानना है कि समय बीत जाने पर भी उपलब्धि मनुष्य को आनंद देती है। क्या आप ऐसा मानते हैं? तर्क सहित लिखिए।
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