गिल्लू को मुक्त करने कि आवश्यकता क्यों समझी गयी और उसके लिए लेखिका ने क्या उपाय किया?


लेखिका द्वारा गिलहरी के उपचार के बाद उसे अपने पास ही रख लिया गया। सब कुछ ठीकठाक चल रहा था पर लेखिका के मन के अन्दर गिल्लू को किसी कुत्ते या बिल्ली द्वारा शिकार बना लिये जाने का भय था। एक और बात वह खिङकी के बाहर बहुत सी गिलहरियाँ गिल्लू की प्रतीक्षा में शोर मचाती और गिल्लू भी खिड़की के पास जाकर बैठ जाता| यह सब सोच और देखकर लेखिका ने गिल्लू को मुक्त करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने अपने कमरे की खिड़की के जाले को जरा सा हटा दिया ताकि गिल्लू आसानी से बाहर चला जाए और वास्तव में ऐसा ही हुआ।


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