तक्षशिला में आगजनी की खबर को पढ़कर लेखक के मन में कौन सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषताओं का परिचय मिलता है?


जब तक्षशिला में राजनीतिक दंगों में गैरकानूनी तरीके से किसी के मकान, संस्थान तथा खेत आदि में आग लगाने का समाचार पढ़ा तो लेखक को हामिद खां की याद आती है। हामिद खां जी द्वारा दिया गया स्नेह, प्रेम एवं उनकी मेहमाननवाजी मानवता की याद दिलाता हैं। लेखक ईश्वर से दया की प्रार्थना करते हुए ईश्वर से कहते हैं कि हामिद खां और उनकी दुकान आगजनी से बच जाए क्योंकि उन्होंने तेज गरमी के मौसम में लेखक की मदद करते हुए उन्हें छाया एवं भूख-प्यास मिटाने में मदद की थी। इससे यह पता चलता है कि लेखक का ह्रदय अत्यंत मानवीय संवेदना से भरा हुआ है। इससे लेखक की धार्मिक सहिष्णुता एवं हमदर्दी जैसे भावों का परिचय होता हैं।


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