निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-

रामन् प्रभाव की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में कौन कौन से कार्य संभव हो सके?


पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन रामन् की खोज की वजह से सरल हो गया। यह काम पहले इंफ्रा रेड स्पेक्ट्रोस्कोपी द्वारा किया जाता थी| अब यह कार्य रामन् स्पेक्ट्रोस्कोपी द्वारा किया जाने लगा। इंफ्रा रेड स्पेक्ट्रोस्कोपी एक मुश्किल तकनीक है और इसमें गलतियों की संभावना बहुत अधिक रहती है। रामन् प्रभाव प्रकाश में परिवर्तन के आधार पर, पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की संरचना की सटीक जानकारी देती है। इससे पदार्थों का संश्लेषण प्रयोगशाला में करना तथा अनेक उपयोगी पदार्थां का कृत्रिम रूप से निर्माण संभव हो गया है। इस खोज से कई पदार्थों का कृत्रिम संश्लेषण संभव हो पाया।


1
1