निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

देश और दुनिया को मुग्ध करके शुक्रतारें की तरह की अचानक अस्त हो गए।


लेखक ने महादेव देसाई को शुक्रतारे के समान माना है। जिस तरह से शुक्रतारा चंद्र का साथी होता है, जो कुछ समय के लिए उसके साथ रहता है और फिर अस्त हो जाता है। इसी तरह महादेव, गांधी के सहयोगी थे। उन्होंने गांधीजी के लिए हर संभव मदद की। देश की आजादी में सहयोग दिया और एक दिन अकालमृत्यु को प्राप्त हुए।


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