अपने गाँव लौटकर जब सुदामा अपनी झोपड़ी नहीं खोज पाए तब उनके मन में क्या-क्या विचार आए? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


अपने गाँव लौटकर जब सुदामा अपनी झोपड़ी नहीं खोज पाए। झोपड़ी की जगह पर बड़े बड़े महल देखकर उनके मन में सबसे पहले यह विचार आया कि कहीं वह रास्ता भटक कर वापस द्वारका तो नहीं पहुंच गए। उन्होंने पूरा गांव छाना उन्हें उनका घर नहीं मिला। उन्हें लगा कहीं ऐसा तो नहीं कि उनके दिलों-दिमाग पर द्वारका के राजभवनों का भ्रम छाया हुआ हो।


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