क्या आपको लगता है कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएं पक्षियों के लिए घातक हैं? पक्षियों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।


अगर ये कहें कि मनुष्य की जीवन-शैली और शहरीकरण की योजनाओं का पक्षियों पर बुरा असर पड़ा है, तो यह बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। शहरीकरण की योजनाओं के तहत जगह-जगह पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे न केवल हम पक्षियों के रहने का स्थान छीन रहे हैं बल्कि पर्यावरण को भी प्रभावित कर रहे हैं। हालत यह हो गई है कि कई जगह दूर-दूर तक पेड़ों के कटाव की वजह से लोग गर्मी में पेड़ों की छांव को भी तरसने लगे हैं। पेड़ों पर लदे फल-फूल पक्षियों का आहार बनते थे लेकिन पेड़ों के बढ़ते कटाव की वजह से अब पक्षियों को अपना पेट भरने के लिए भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमें चाहिए कि जगह-जगह पानी से भरे बर्तन, पक्षियों के लिए दाना रखें ताकि उन्हें आहार मिलने में परेशानी न हो। इसके साथ ही लोगों को पेड़ लगाने के लिए जागरूक करें ताकि पर्यावरण प्रभावित न हो। मानव के पृथ्वी पर अस्तित्व के लिए प्रकृति में संतुलन होना आवश्यक है और यह संतुलन प्रकृति के पत्येक घटक को सुरक्षित रखकर ही कायम रखा जा सकता है|


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