मराठी से अनूदित इस नाटक का शीर्षक ‘पापा खो गए’ क्यों रखा गया होगा? अगर आपके मन में कोई दूसरा शीर्षक हो तो सुझाइए और साथ में कारण भी बताइए।


इस नाटक के लिए कैसे घर पहुंचेगी ये छोटी बच्ची शीर्षक मुझे सही लगा। इस पाठ में बच्ची को उसके पिता से मिलवाने के लिए लैटरबक्स, खंभा, पेड़ और कौआ लगे हुए थे। सब यह चाहते थे कि बच्ची किसी भी तरह से अपने घर पहुंच जाए। इसी कारण से इस नाटक का शीर्षक ‘पापा खो गए’ रखा गया जोकि परिस्थिति के अनुसार उचित प्रतीत होता है|


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