स्त्री को सौंदर्य का प्रतिमान बना दिया जाना ही उसका बंधन बन जाता है’- इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए|


स्त्री को सौंदर्य का पर्याय माना जाता रहा है और यही कारण है कि उसे घर में सजावट की बस्तु की तरह रखा जाता रहा है| उसे घर की दहलीज़ पार करने की इजाजत नहीं होती वह देर रात को घर से बाहर नहीं जा सकती| ससुराल में लड़की को परदा प्रथा का पालन करना होता है| स्त्री को सौंदर्य का प्रतिमान बना कर उसकी स्वतंत्रता को छीन लिया जाता है | स्त्री को इंसान नहीं अपितु बस्तु की तरह उपयोग किया जाता है |


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