निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर अनुच्छेद लिखिए।

ख) विश्वशांति


शब्द का अर्थ


आवश्यकता


संभावित उपाय


लाभ


विश्वशांति शब्द का अर्थ- आज विश्व शन्ति की आश्वयकता बहुत अधिक और तेज हो गई है। विश्व शान्ति के लिए भाईचारे की भावना सबसे पहले जरूरी है। भाईचारे, मेल-मिलाप की भावना और परस्पर हित-चिन्तन की भावना विश्व शान्ति की दिशा में महान कदम और सार्थक कार्य होगा। श्व शान्ति के लिए अपने ही समान समझना और अपने ही समान आचरण करना, एक ठोस और प्रभावशाली विचार होगा। अगर इस तरह की सद्भावना और श्रेष्ठ विचार प्राणी प्राणी के मन में उत्पन्न हो जायेंगे तो किसी भी प्रकार से विश्व में अशान्ति और अव्यवस्था की भावना नहीं हो सकती है।


आवश्यकता- विश्वशांति की आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। आज विश्व के अनेक सबल राष्ट्र एक दूसरे निर्बल और शक्तिहीन राष्ट्र को अपने चंगुल में फंसाए रखने का प्रयास करते हैं| इसके लिए वे अपनी निजी शक्ति और आश्वयकताओं को बढ़ाते ही जा रहे हैं। इसके साथ ही अपने सम्पर्कों को अन्य शक्तिहीन और छोटे राष्ट्रों के प्रति उकसाने या भड़काने की कोशिश में भी बराबर लगे रहते हैं। इस प्रकार से आज पूरा विश्व कई भागों में बँटा हुआ परस्पर विनाश के गर्त में पहुँचने के लिए नित्य उद्योग करते हुए दिखाई देता है। इसलिए आज विश्व में शान्ति की आश्वयकता निरंतर बढ़ती जा रही है।


संभावित उपाय- विश्व शान्ति और विश्व को समान दशा में लाने के लिए हमें मानव कल्याण समारोह का आयोजन करना चाहिए। इसके द्वारा जन जन में यह प्ररेणा जगानी चाहिए कि हमें किस प्रकार से अमानवीय और पाश्विक दुर्भावनाओं से बचा जाए| भाईचारे, मेल-मिलाप की भावना और परस्पर हित-चिन्तन की भावना विश्व शान्ति की दिशा में महान कदम और सार्थक कार्य होगा। विश्व शान्ति के प्रयास में हमें महान दार्शनिकों और महात्माओं के जीवन सिद्धांतों और आचरणों को अपनाना होगा। उनके अनुसार चलना होगा।


लाभ- यह सौभाग्य का विषय है कि विश्व के कई बड़े राष्ट्र विश्व शान्ति के प्रयास की दिशा में प्रयत्नशील दिखाई दे रहे हैं। प्रथम विश्वयुद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध के भयंकर परिणामों और इससे प्रभावित आज के जीवन स्वरूपों पर भी विचार किए जा रहे हैं। इसके लिए कई ठोस और प्रभावशाली कदम उठाए गए हैं। विश्व के जो पिछड़े और दुखी राष्ट्र हैं, उनको हर प्रकार की सुविधाएँ प्रदान करने के लिए हमें विश्व स्तर पर किसी संयुक्त संस्था की स्थापना अवश्य करनी चाहिए।


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