निम्नलिखित में से किसी के विषय पर दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर लगभग 200 से 250 शब्दों में निबन्ध लिखिए-
(2) सौर ऊर्जा
• प्रस्तावना
• सौर ऊर्जा से तात्पर्य
• सौर ऊर्जा उत्पादन
• लाभ
• उपसंहार
प्रस्तावना- मानव जीवन के लिए सौर ऊर्जा किसी वरदान से कम नहीं है। सूरज की रोशनी और गर्मी के जरिए ऊर्जा पैदा करना एक नई क्रांति के समान है। सौर ऊर्जा लोगों की मूलभूत जरूरतें तो पूरी करती ही है साथ ही नौकरी भी देती है। अभी तक ऊर्जा के लिए सिर्फ ईंधन का इस्तेमाल किया जाता था। पर्यावरण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सौर ऊर्जा की संभावनाओं पर ध्यान दिया जाने लगा है। सौर ऊर्जा का प्रयोग अब घरेलू कार्यों के लिए भी तेजी से बढ़ रहा है।
सौर ऊर्जा से तात्पर्य- सूरज को ऊर्जा का बड़ा स्त्रोत माना जाता है। अभी तक मानव सिर्फ ईंधन से ऊर्जा बनाता था। जब वैज्ञानिकों को पता चला कि ईंधन भी समाप्ति की ओर है तो उन्होंने सूरज से ऊर्जा प्राप्त करने का तरीका खोज निकाला। अब घरों की छत पर लगे सोलर सिस्टम द्वारा सूरज किरणों और गर्मी से ऊर्जा उत्पन्न की जा रही है। सौर ऊर्जा से मनुष्य और प्रकृत्ति दोनों को लाभ पहुंचेगा।
वैसे तो दुनिया में सभी ऊर्जा सूर्य से ही उत्पन्न होती हैं। तेल, कोयला और प्राकृतिक गैस शुरू में एक संश्लेषक प्रक्रिया से गुजरती है जो बाद में ईंधन में परिवर्तित होती है।
लाभ- जिस प्रकार 18वीं शताब्दी में औद्योगिक क्रांति आने से कोयला और जीवाश्म ईंधन उपयोग के मुख्य प्रेरक बन गए थे। उसी प्रकार अब यानी 21वीं शताब्दी में सौर ऊर्जा एक वरदान के रूप में उभरा है। शुरू में सौर ऊर्जा का प्रयोग हीटिंग और कूलिंग होम के लिए इमारतो में किया गया था। घरों को गर्म और ठंडा रखने के लिए बड़ी मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है। सूरज ऊर्जा का अंतिम स्त्रोत है जो कभी खत्म नहीं होने वाला। इसका अधिक से अधिक प्रयोग किया जा सकता है।
उपसंहार- सूरज सदियों तक लोगों को ऊर्जा प्रदान कर सकता है। जबकि जीवाश्म ईंधन सदाकाल के लिए ऊर्जा प्रदान करने के लिए काफी नहीं हैं। इसका सबसे अच्छा विकल्प सौर ऊर्जा ही है। वहीं सौर ऊर्जा के कुछ नुकसान भी हैं। ऊर्जा सूर्य के प्रकाश से उत्पन्न होती है। जो व्यापक रूप से प्रकृत्ति में फैली हुई है। सूर्य का प्रकाश सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं पहुंच पाता है। यही कारण है कि सभी देश सूरज को ऊर्जा के रूप में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।