निम्नलिखित प्रश्नों के उतर संक्षेप में लिखिए
क) द्विवेदी जी ने स्त्री के संदर्भ में कौन सी और किस बात को सोलह आने मिथ्या कहा है?
ख) लेखक ने आविष्कर्ता और अविष्कृत चीज के मध्य क्या संबंध बताया है? संस्कृति पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए-
ग) बिस्मिल्ला खां कला के अनन्य उपासक थे, तर्क सहित उत्तर दीजिए
घ) स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्को का खंडन पाठ का मूल संदेश क्या है?
ङ) बिस्मिल्ला खां के व्यक्तित्व की कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?
क) द्विवेदी जी ने स्त्री के संदर्भ में निम्नलिखित बातों को सोलह आने मिथ्या कहा है-
(क) स्त्रियों को पढ़ना ज़हर के घुट पीने जैसा है एवं पुरुषों के लिए अमृत समान है|
(ख) स्त्रियों को अनपढ़ रखकर भारतवर्ष का गौरव बढ़ता है|
(ग) उनका कहना था कि स्त्रियों द्वारा किया गया अनर्थ उन्हें ‘पढ़ने की आज़ादी देने’ का परिणाम नहीं था क्योंकि पुरुषों ने स्त्रियों की तुलना में कहीं ज्यादा अनर्थ किए हैं। पुरुषों ने युद्ध में मार काट मचाई है, चोरी की है, डाका डाला है और अन्य कई अपराध किए हैं। इसलिए शिक्षा को अनर्थ के लिए दोष देना उचित नहीं है।
ख) आविष्कृता किसी नयी बस्तु का आविष्कार करता है और जिस नयी बस्तु उत्पाद का निर्माण अथवा ईजाद हुआ है उसे अविष्कृत कहते हैं| ये दोनों आपस में अंतर्संबंधित हैं| बस्तु के अविष्कृत होने के लिए आविष्कर्ता का होना बहुत आवश्यक है|
ग) बिस्मिल्ला खां भारत के बहुत बड़े शहनाई वादक और कला के उपासक थे। उन्होंने आजीवन कला का सम्मान किया एवं संगीत को संपूर्णता और एकाधिकार के साथ सीखने की इच्छा को सदा अपने अंदर जिंदा रखा। उनकी पाँचों वक्त की नमाज में वे खुदा से केवल एक चीज माँगा करते थे सच्चा सुर। ताउम्र वे एक अच्छे छात्र बनकर सीखते ही रहे। बिस्मिल्ला खाँ बड़ी शिद्दत के साथ रियाज करते थे। बिस्मिल्ला खाँ जिस मुकाम पर पहुँचे थे वह उनकी शहनाई वादन में दक्षता के कारण ही संभव हो पाया था।
घ) स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्को का खंडन पाठ का मूल संदेश कुछ इस प्रकार है-
इसमे स्त्री शिक्षा के महत्व को समझाया गया है एवं इस बात का खंडन किया गया है की स्त्री शिक्षा समाज के हित में नहीं है| साथ ही यहाँ यह भी बताया गया है कि स्त्रियों द्वारा प्रकृत भाषा का उपयोग अनुचित नहीं था एवं इससे यह नहीं कहा जा सकता कि वे गंवार हैं। इस पाठ का मुख्य आधार स्त्री शिक्षा के महत्त्व को समझाना था एवं यह बताना था कि आज पुरानी मान्यताओं को आधार बनाकर हम स्त्रियों को शिक्षा से वंचित नहीं रख सकते।
ङ) बिस्मिल्ला खां के व्यक्तित्व की निम्नलिखित विशेषताओं ने हमको प्रभावित किया-
(क) उनका कला के प्रति समर्पण।
(ख) उनकी पाँचों वक्त की नमाज में वे खुदा से केवल एक चीज माँगा करते थे सच्चा सुर।
(ग) एक अच्छे छात्र बनकर सीखते ही रहे।
(घ) बिस्मिल्ला खाँ बड़ी शिद्दत के साथ रियाज करते थे।