(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

दीपक दिखाई देने पर अँधियारा कैसे मिट जाता है? साखी के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।


इस साखी में कबीर ने दीपक की तुलना उस ज्ञान से की है जिसके कारण हमारे अंदर का अहंकार मिट जाता है। कवि के अनुसार जिस प्रकार दीपक के जलने पर अंधकार अपने-आप दूर हो जाता हैए उसी प्रकार ज्ञानरूपी दीपक के हृदय में जलने पर अज्ञानरूपी अंधकार समाप्त हो जाता है। जबतक हमारे अंदर अहं व्याप्त है तब तक हम परमात्मा को नहीं पा सकते हैं। यहाँ दीपक के प्रकाश को ज्ञान का प्रतीक माना गया है और अँधियारा अज्ञान का प्रतीक है। ज्ञान का प्रकाश होने पर मन में व्याप्त काम, क्रोध, मोह, लोभ, और अहंकार आदि दुर्गुण समाप्त हो जाते हैं और हमारे अन्दर ज्ञान रुपी प्रकाश का संचार होने से वैयक्तिक रूप से भी हम लगातार बेहतर बनते जाते हैं|


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