‘कामचोर’ कहानी एकल परिवार की कहानी है या संयुक्त परिवार की? इन दोनों तरह के परिवारों में क्या-क्या अंतर होते हैं?
‘कामचोर’ कहानी संयुक्त परिवार की कहानी है। बच्चों ने जब तनख्वाह के लालच में काम को हाथ लगाया तो उनके द्वारा अव्यवस्थित तरीके से किए गए कार्यों से माता-पिता के अलावा बानो दीदी, मौसी, बड़ी दीदी, मुगलानी बुआ, चाचाजी भी किसी-न-किसी रूप में प्रभावित हुए। इससे पता लगता है कि ये लोग भी परिवार में साथ-साथ ही रहते थे जो संयुक्त परिवार की पहचान है। इस तरह के दोनों परिवारों में निम्नलिखित अंतर होते हैं:
(क) एकल परिवार में बच्चों के साथ उनके माता-पिता ही रहते हैं जबकि संयुक्त परिवार में माता-पिता के अलावा चाचा-चाची, दादा-दादी, बुआ, मौसी तथा उनके बच्चे भी साथ ही रहते हैं।
(ख) आजकल की व्यस्त दिनचर्या में बच्चों को एकल परिवार में माता-पिता का प्यार कम मिल पाता है जबकि संयुक्त परिवार में घर के अन्य सदस्य यह कमी पूरी कर देते हैं।
(ग) एकल परिवार में माता-पिता के काम पर चले जाने पर बच्चे अकेले रह जाते हैं तथा स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं तबकि संयुक्त परिवार में वे अकेले नहीं रहते।
(घ) एकल परिवार के बच्चों में समाजीकरण नहीं हो पाता जबकि संयुक्त परिवार में बच्चे अन्य सदस्यों के बीच इसे आसानी से सीख जाते हैं तथा वे दादी-नानी द्वारा सुनाई कहानियों की सीख ग्रहण करके बेंहतर नागरिक बनते हैं।
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