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पत्र से आगे

भारतीय खाने की कुछ चीजें जैसे- चावल, सेवइयाँ, मिठाईयाँ यूरोप में अलग ढंग से खाई जाती हैं। क्या भारत में ये चीज़ें अलग-अलग ढंग/तरीकों से बनाई और खाई जाती हैं? पात करो और बताओ।


भारत में खाने-पीने का ढंग यूरोप से बिल्कुल अलग है। यहां पर वही चावल दाल और सब्जी के साथ खायी जाती है। चिल्ले में किसी बेरी का गूदा नहीं भरा जाता है बल्कि इसे एक मीठे पकवान के रुप में खाया जाता है। वहीं सेवइयों को सूप के स्थान पर इसको खीर के रुप में खाया जाता है। साथ ही भारत में दही या योगर्ट को भोजन के बाद या ऐसे भी अधिकतर इसके वास्तविक रुप में ही खाया जाता है।


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1

पत्र के आधार पर

इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो-


क) इस पत्र का लेखक किस शहर/ देश की यात्रा पर गया था?


ख) उस देश में कौन-कौन से खेल-खेले जाते हैं? वहाँ कौन-सा खेल सबसे अधिक लोकप्रिय है?


ग) उस देश के कुछ खाद्य पदार्थों के नाम बताओ।


घ) लेखक ने यह क्यों कहा कि “अच्छे से रहना ताकि मां को तकलीफ़ न हो?”


2

पत्र से आगे

दूना नदी यूरोप के कई देशों में बहती है। भारत में भी अनेक ऐसी नदियाँ हैं जो कई राज्यों के बीच बहती है। ऐसी नदियों के नाम लिखो। यह भी पता करो कि वे कौन-कौन से राज्यों में से होकर बहती हैं।



3

मौसम और ऋतुएँ

पत्र में लिखा गया है कि “मौसम अच्छा चल रहा है। यहाँ बसंत आ रहा है।”


भारत के अलग-अलग भागों में भी अलग-अलग तरह का मौसम रहता है। साल भर अलग-अलग ऋतुएँ अपना प्रभाव दिखाती है। अब तुम बताओ कि तुम्हारे प्रदेश में साल भर मौसम कैसा रहता है?


4

खान-पान

क) अपने प्रदेश की कुछ खाने-पीने की चीज़ों के नाम बताओ।


ख) अपने मनपसंद व्यंजन को बनाने का तरीका पता करो और लिखो।