पक्षियों को पिंजरे में बंद करने से केवल उनकी आजादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इस विषय पर दस पंक्तियों में अपने विचार लिखिए।
हर चीज का होने का एक कारण होता है। पशु-पक्षी, जीव-जंतु सभी प्रकृति में संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। जैसे-छिपकली कीट-पतंगों को खाकर उनकी संख्या को बराबर बनाए रखने का काम करती है ठीक उसी तरह हर जीव-जंतु एक दूसरे को खाकर प्रकृति को संतुलित करने का काम करते हैं। अगर पिंजरे में आपने किसी पक्षी को बंद करके रखा है तो वह पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़ सकता है। साथ ही जैवविविधता मानव के पृथ्वी पर अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है| अगर पृथ्वी पर पशु पक्षियों एवं अन्य जीव जंतुओं की संख्या कम हुई अथवा उनकी कोई प्रजाति पूर्णतः समाप्त हुई तो यह मानव जाति के लिए खतरा बन सकता है क्योंकि एक तो प्रत्येक प्रजाति खाद्य श्रृंखला में एक विशिष्ट स्थान रखती है साथ ही वातावरणीय संतुलन के लिए भी पशु पक्षियों का पृथ्वी पर सुरक्षित रहना आवश्यक है|
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