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घर पर होनेवाले उत्सवों/समारोहों में बच्चे क्या-क्या करते हैं? अपने और अपने मित्रों के अनुभवों के आधार पर लिखिए।

घर पर होने वाले समारोहों में बच्चों को सबसे ज्यादा इस बात की खुशी होती है उनके रिश्तेदार आएंगे। रिश्तेदारों के बच्चों के साथ उन्हें खेलने का मौका मिलेगा। बच्चे खाने—पीने में आगे रहते हैं। समारोह में बनने वाले पकवान वे बड़े चाव से खाते हैं। इसके अलावा बच्चे सजावट करवाने के काम में भी हाथ बंटाते हैं। साथ ही छोटे—छोटे कामों को करने में उन्हें बहुत आनंद आता है। पूरा दिन इधर से उधर भाग—भागकर काम करते हैं। वे सजावट, देखरेख, सामानों को इधर से उधर ले जाना आदि जैसे काम करते हैं|


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अपने-अपने मौसम की अपनी-अपनी बातें होती हैं’- लेखक के इस कथन के अनुसार यह बताइए कि किस मौसम में कौन-कौन सी चीजें विशेष रूप से मिलती हैं?

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इस कहानी में कई बार ऋण लेने की बात आपने पढ़ी। अनुमान लगाइए किन-किन परिवारिक परिस्थितियों में गांव के लोगों को ऋण लेना पड़ता होगा और यह उन्हें कहां से मिलता होगा? बड़ों से बातचीत कर इस विषय में लिखिए।

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नीचे दी गई पंक्तियों पर ध्यान दीजिए-

जरा-सी कठिनाई पड़ते


अनमना-सा हो जाता है।


सन-से सफ़ेद


समानता का बोध कराने के लिए सा, सी, से का प्रयोग किया जाता है। ऐसे पाँच और शब्द लिखिए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।


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कहानी मे ‘छू-छूकर ज्वर का अनुमान करतीं, पूछ-पूछकर घरवालों को परेशान कर देतीं’- जैसे वाक्य आए हैं। किसी क्रिया को जोर देकर कहने के लिए एक से अधिक बार एक ही शब्द का प्रयोग होता है। जैसे वहाँ जा-जाकर थक गया, उन्हें ढूँढ़-ढूँढ़कर देख लिया। इस प्रकार के पाँच वाक्य बनाइए।