Q4 of 7 Page 139

आपको कई बार लगता होगा कि आप कई छोटे-मोटे काम (जैसे घर की पुताई, दूध दुहना, खाट बुनना) करना चाहें तो कर सकते हैं। ऐसे कामों की सूची बनाइए, जिन्हें आप चाहकर भी नहीं सीख पाते? इसके क्या कारण रहे होंगे? उन कामों की सूची भी बनाइए, जिन्हें आप सीखकर ही छोड़ेंगे?

कार चलाना, गोभी की अच्छी सब्जी बनाना, किसी भी काम को नियमित तौर पर करना, रोजाना अखबार पढ़ना। इन सब कामों को सीख पाना या फिर रुटीन में न करने के कई कारण है-

(1) कार चलाना- समय ही नहीं मिल पाया। हमेशा सोचती हूं कि कार ड्राइविंग ट्रेनिंग ज्वाइन कर लूं लेकिन वक्त की कमी के कारण रह जाता है।


(2) गोभी की अच्छी सब्जी बनाना- हमेशा प्रयास करती हूं लेकिन मेरे माँ जैसी अच्छी नहीं बन पाती।


(3) किसी भी काम को मेरी मम्मी रुटीन से करती है। मुझसे ऐसा नहीं हो पाता। कोशिश करूंगी की ऐसी कर पाऊं।


(4)रोजाना अखबार पढ़ना- कभी तो मैं रोजाना अखबार पढ़ लेती हूं और कभी ऐसा नहीं हो पाता। इसकी वजह ऑफिस की टाइमिंग है जो अक्सर बदलती रहती है।


More from this chapter

All 7 →
2

गांधी जी ने अखिल भारतीय कांग्रेस सहित कई संस्थाओं व आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी जीवनी या उन पर लिखी गई किताबों से उन अंशों को चुनिए जिनसे हिसाब-किताब के प्रति गांधी जी की चुस्ती का पता चलता है?

3

मान लीजिए आपको कोई बाल आश्रम खोलना है। इस बजट से प्रेरणा लेते हुए उसका अनुमानित बजट बनाइए। इस बजट में दिए गए किन-किन मदों पर आप कितना खर्च करना चाहोगे। किन नई मदों को जोड़ना-हटाना चाहेंगे।

5

इस अनुमानित बजट को गहराई से पढ़ने के बाद आश्रम के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के बारे में क्या-क्या अनुमान लगाए जा सकते हैं?

1

अनुमानित’ शब्द ‘अनुमान’ में ‘इत’ प्रत्यय जोड़कर बना है। इत प्रत्यय जोड़ने पर अनुमान का ‘न’ ‘नित’ में परिवर्तित हो जाता है। नीचे-इत प्रत्यय वाले कुछ और शब्द लिखें हैं। उनमें मूल शब्द पहचानिए और देखिए कि क्या परिवर्तन हो रहा है-

इत प्रत्यय की भांति इक प्रत्यय से भी शब्द बनते हैं और तब शब्द के पहले अक्षर में भी परिवर्तन हो जाता है, जैसे- सप्ताह इक = साप्ताहिक। नीचे इक प्रत्यय से बनाए गए शब्द दिए गए हैं। इनमें मूल शब्द पहचानिए और देखिए कि क्या परिवर्तन हो रहा है-


मौखिक, संवैधानिक, प्राथमिक, नैतिक, पौराणिक, दैनिक