कहानी से
मंजरी ने कनक को अपना खिलौना क्यो दे दिया?
जब एक समुद्री लहर मंजरी के पैर उखाड़ देती है तो उसका बड़ी चट्टान से टकराने का खतरा बढ़ जाता है। उसके मुंह में खारा पानी भी भर जाता है। तभी बड़ी चट्टान पर बैठी कनक उसकी मदद करती है और उसे पानी से बाहर निकालती है। जैसे ही मंजरी होश में आती है तो वह देखती है कि उसे बिल्कुल भी चोट नहीं लगी। उसे पता चलता है कि उसकी जान कनक और हर्ष ने मिलकर बचाई है। इसी वजह से कनक के प्रति उसके मन से ईष्या खत्म हो जाती है और वह खिलौना कनक को दे देती है।
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