मुहावरे
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में “प्राणों का बलिदान देना” मुहावरे का प्रयोग हुआ है। नीचे कुछ और मुहावरे दिए गए हैं। इनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
टूट पड़ना, निढाल होना, वीरगति पाना, शहीद हो जोना, प्राणों की बाज़ी लगाना
मौत के मुँह में जाना, मैदान में उतरना
(1) टूट पड़ना- झलकारीबाई, रानी लक्ष्मीबाई के कपड़े पहनकर अंग्रेजी सेना पर टूट पड़ी थीं।
(2) निढाल होना- अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते झलकारीबाई निढाल होकर बेहोश हो गई थीं।
(3) वीरगति पाना- झांसी को बचाते-बचाते झलकारीबाई वीरगति को प्राप्त हो गई थीं।
(4) शहीद हो जाना- झांसी को बचाने के लिए कई सैनिक शहीद हो गए थे।
(5) प्राणों की बाजी लगाना- रानीलक्ष्मीबाई के लिए झलकारीबाई ने अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी।
(6) मौत के मुंह में जाना- रानीलक्ष्मीबाई की वेष-भूषा पहनकर झलकारीबाई मौत के मुंह में समा गई|
(7) मैदान में उतरना- अंग्रेजों को सबक सिखाने के लिए झलकारीबाई मैदान में उतरी थीं।
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