आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में ‘अभी समय भी नहीं’ कवि ऐसा क्यों कहता है?
कवि इस समय को अपनी आत्मकथा लिखने के लिए उचित नहीं मानते क्योंकि उनकी जिन्दगी संघर्षपूर्ण रहा है और इन्हें वह अपने तक सीमित रखना चाहता है समाज के सामने नहीं रखना चाहता|
कवि का मानना है कि उसके जीवन में ऐसे अनुभव नहीं है जिन्हें वह समाज के सामने रखे और समाज उससे प्रेरणा ले सके|
उसकी जिंदगी में इस प्रकार के अनुभव भी नहीं है जिन्हें समाज के सामने रखा जा सके| इसी कारण से कवि अपनी आत्मकथा सुनाने के लिए अभी के समय को उचित नहीं मानता|
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.