Q13 of 16 Page 41

भाव स्पष्ट कीजिए-

रूपांतरण है सूरज की किरणों का


सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का!

यहाँ कवि का अभिप्राय यह है कि फसल सूरज के प्रकाश की उपस्थिति में प्राकृतिक क्रियाएँ पूर्ण कर अपने लिए भोजन का निर्माण करती है और पुष्ट होती है| इसी कारण से कवि ने फसल को सूरज की किरणों का रूपांतरण कहा है|

इसके साथ ही फसल के उगने और स्वस्थ्य रहने में हवा का भी बराबर का योगदान होता है| फसल हवा की उपस्थिति में ऑक्सीजन एवं कार्बन डाई ऑक्साइड ग्रहण करती है जो कि फसल के जीवित रहने एवं वृद्धि के लिए आवश्यक है|


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कविता में फसल उपजाने के लिए आवश्यक तत्वों की बात कही गई है। वे आवश्यक तत्व कौन-कौन से हैं?

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फसल को ‘हाथों के स्पर्श की गरिमा’ और ‘महिमा’ कहकर कवि क्या व्यक्त करना चाहता है?

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कवि ने फसल को हजार-हजार खेतों की मिट्टी का गुण-धर्म कहा है-

(क) मिट्टी के गुण-धर्म को आप किस तरह परिभाषित करेंगे?


(ख) वर्तमान जीवन शैली मिट्टी के गुण-धर्म को किस-किस तरह प्रभावित करती है?


(ग) मिट्टी द्वारा अपना गुण-धर्म छोड़ने की स्थिति में क्या किसी भी प्रकार के जीवन की कल्पना की जा सकती है?


(घ) मिट्टी के गुण-धर्म को पोषित करने में हमारी क्या भूमिका हो सकती है?

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इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया द्वारा आपने किसानों की स्थिति के बारे में बहुत कुछ सुना, देखा और पढ़ा होगा। एक सुदृढ़ कृषि-व्यवस्था के लिए आप अपने सुझाव देते हुए अखबार के संपादक को पत्र लिखिए।