(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
मीठी वाणी बोलने से औरों को सुख और अपने तन को शीतलता कैसे प्राप्त होती है?
मीठी वाणी जीवन में आत्मिक सुख व शांति प्रदान करती है। जब हम मीठी वाणी बोलते हैं तो इससे सुनने वाले को अच्छा लगता है और इसलिए वह हमारी बात अच्छे तरीके से सुनता भी है। इसके प्रयोग से संपूर्ण वातावरण सरल व सहज बन जाता है। यह सुननेवाले के मन को प्रभावित और आनंदित करती है। सुनने वाला हमारे बारें में अपनी अच्छी राय बनाता है जिसके कारण हम आत्मसंतोष का अनुभव कर सकते हैं। इसके प्रभाव से मन में स्थिर शत्रुता, कटुता व आपसी ईर्ष्या-द्वेष के भाव समाप्त हो जाते हैं। सही तरीके से बातचीत होने के कारण सुनने वाले और बोलने वाले दोनों को सुख की अनुभूति होती है तथा शांति प्राप्त होती है। हम मीठी वाणी बोलकर अपने शरीर को भी शीतलता पहुँचाते हैं। इसलिए हमें ऐंसी वाणी बोलनी चाहिए कि जिसे सुनकर लोग आनंद की अनुभूति करें और शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहें।
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