‘मृत्यु का तरल दूत’ किसे कहा गया है और क्यों?
बाढ़ का पानी लगातार बढ़ता जा रहा था और आगे बढ़ते हुए बाढ़ कके जल के सामने सब लाचार थे| बाढ़ के जल के रास्ते में आने वाली प्रत्येक बस्तु नष्ट होती जा रही थी| बढ़ते हुए जल ने अपनी भयानकता का संकेत दे दिया था। इस जल ने ना जाने कितने प्राणियों की जान ले ली थी और ना जाने कितनों का घर उजाड़ दिया था। बाढ़ के पानी की वजह से कई लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी जिस कारण इसे मृत्यु का तरल दूत कहा गया।
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