अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है?
अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने निम्नलिखित संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है-
(1) मुसलमान अपना पवित्र तीर्थस्थल काबा को मानते हैं जबकि हिंदू काशी को अपना पावन स्थल मानते हैं और फिर भी हमेशा धार्मिक मुद्दों पर एक दूसरे से झगड़ते रहते हैं जबकि ईश्वर एक ही है|
(2) किसी भी मनुष्य के मात्र उच्च कुल में जन्म ले लेने से वह महान नहीं बना जाता, महान तो वह अपने कर्मों एवं गुणों से बनता है| मनुष्य के गुण उसकी महानता एवं विशिष्टता का निर्धारण करते हैं| अगर मनुष्य अच्छे कर्म करता है, उसका चाल-चलन ठीक है तो महान और समाज में सम्मानीय स्थान ग्रहण करता है लेकिन मात्र ऊँचे कुल में जन्म लेने से कोई महान अथवा सम्माननीय नहीं बन सकता|
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