निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-
धर्म और ईमान के नाम पर किए जाने वाले भीषण व्यापार को कैसे रोका जा सकता है?
धर्म और ईमान के नाम पर चल रहे भीषण व्यापार को इसके मूल में प्रहार कर ही रोका जा सकता है। कहने का अर्थ है जब लोग जागरूक होंगे तब यह व्यापार अपने आप रुक जायेगा। इस हेतु या कहें समाज में जागरूकता फैलाने हेतु लोगों को शिक्षित किया जाना आवश्यक है।
लोगों जब शिक्षित हो जायेंगे तो वे धर्म की आड़ में अपना गोरखधंधा चलाने वाले लोगों की बातों पर विचार नहीं करेंगे| धर्म और ईमान के नाम पर किये जाने वाले भीषण व्यापार को इसी प्रकार से रोका जा सकता है|
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