निम्नलिखित अंशों की व्याख्या कीजिएः
क) दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लित-ओ गदा है सो है वो भी आदमी
ख) आशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
क) कवि ने कहा है कि दुनिया में जो कुछ करता है आदमी ही करता है। आदमी ही बादशाह बनता है, आदमी ही फकीर हो जाता है। स्वादिष्ट भोजन भी आदमी को नसीब होता है और सूखी रोटी भी वही खाता है। हर आदमी अलग है। आदमी की अलग अलग जिम्मेदारियां हैं। उसके व्यवहार और गुण अलग हैं। उसकी जीवन जीने की शैली और काम करने का तरीका भी एक दूसरे से भिन्न होता है।
ख) इस दुनिया में शाही से लेकर प्यादे तक, सभी तरह के आदमी हैं। आदमी ही है जो किसी के दिल के छू देने वाला काम करता है और वह आदमी है है जो किसी के दिल को चोट पहुंचाने से भी नहीं चूकता। कोई संत होता है तो कोई भक्त होता है। दुनिया में अच्छे और बुरे दोनों तरह के आदमी होते हैं|
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