तत्कालीन समाज में व्याप्त अस्पृश्य भावना में आज आए परिवर्तनों पर एक चर्चा आयोजित किजिए।
प्राचीन काल में समाज में लोगों के जातिगत वर्गीकरण के कारण समाज में अस्पृश्यता बड़े स्तर पर व्याप्त थी| आधुनिकता के कारण यह बुराई समाज में धीरे-धीरे कम होती जा रही है लेकिन फिर भी कुछ हद तक वर्तमान समाज के निचले तबके में यह बुराई अभी भी व्याप्त है| आज भी अगर हम ग्रामीण समाज को देखते हैं तो आज भी वहाँ पर जाति आधारित भेदभाव को बड़े स्तर पर देखा जा सकता है जबकि शहरी क्षेत्रों में लोगों के बीच जातिगत वर्गीकरण कमजोर हुआ है और ऐसा लोगों के शिक्षित होने के कारण हुआ है|
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