आपके विचार से लेखक ने इस पाठ का नाम ‘जहाँ पहिया है’ क्यों रखा होगा?
जीवन हमेशा चलते रहने का नाम है। शायद लेखक ने इसी वजह से पहिये को गतिशीलता का प्रतीक मानते हुए इस पाठ का नाम ‘जहाँ पहिया है’ रखा होगा। वहीं यह पाठ भी पूरी तरह से साइकिल पर आधारित है। परिवहन के इस साधन ने तमिलनाडु के पुडुकोट्टई जिले में रहने वाली स्थानीय महिलाओं की जिंदगी बदलकर रख दी। उनकी आत्मनिर्भरता ने उन्हें रूढ़ीवादी परंपराओं से बाहर निकाल दिया था। अब वह घर से बाहर निकलने के लिए अपने घर में मौजूद पुरुषो का सहारा नहीं लेती थी| इन्हीं सब कारणों की वजह से इस पाठ का नाम ‘जहाँ पहिया है’ रखा गया है|
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