पुडुकोट्टई पहुँचने से पहले मैंने इस विनम्र सवारी के बारे में इस तरह सोचा ही नहीं था| साइकिल को विनम्र सवारी क्यों कहा गया है?
यातायात का सस्ता और सुगम साधन होने की वजह से साइकिल को विनम्र सवारी कहा गया है। इसे सीखना और चलाना बेहद आसान है। न तो इसकी रिपेयरिंग में बहुत ज्यादा पैसे लगाने पड़ते हैं और न ही इसे खरीदने के लिए बहुत ज्यादा व्यय करना पड़ता है। इसे महिला और पुरुष दोनों ही समान रूप से चला सकते हैं। यह स्त्री-पुरुष का भेदभाव किए बिना उनका कहना मान लेती है। यह इकलौता ऐसा साधन है जिससे हमारे पर्यावरण को भी किसी प्रकार खतरा नहीं है।
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