Q9 of 12 Page 24

बूझो मतलब

“जी होता, इन ओस कणों को


अंजलि में भर घर ले आऊँ”


घर शब्द का प्रयोग हम कई तरह से कर सकते हैं। जैसे-


क) वह घर गया।


ख) यह बात मेरे मन में घर कर गई।


ग) यह तो घर-घर खेलें।


घ) आओ, घर-घर खेलें।


‘बस’ शब्द का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। तुम बस शब्द का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाओ।


(संकेत-बस, बस-बस, बस इतना सा)


क) बस, तुम दिनभर टीवी देखते रहो।


ख) अब बस करो, कल खेलने आता हूं।


ग) सुबह 5 बजे की बस निकल गई है।


More from this chapter

All 12 →
6

उलट-फेर

“हरी घास पर बिखेर दी हैं


ये किसने मोती की लड़ियाँ?”


ऊपर की पंक्तियों को उलट-फेर कर इस तरह भी लिखा जा सकता है-


“हरी घास पर ये मोती की लड़ियाँ किसने बिखेर दी हैं?”


इसी तरह नीचे लिखी पंक्तियों में उलट-फेर कर तुम भी उसे अपने ढंग से लिखो।


क) “कौन रात में गूँथ गया है


ये उज्जवल हीरों की कड़ियाँ?”


ख) “नभ के नन्हें तारों में ये


कौन दमकते हैं यों दमदम?”


7

शब्दों की पहेली

“ये उज्जवल हीरों की कड़ियाँ”


ऊपर की पंक्ति में उज्जवल शब्द में ‘ज’ वर्ण दो बार आया है परंतु यह आधा (ज्) है। तुम भी इसी तरह के कुछ और शब्द खोज़ो। ध्यान रहे, उस शब्द में कोई एक वर्ण (अक्षर) दो बार आया हो, मगर आधा-आधा। इस काम में तुम शब्दकोष की सहायता ले सकते हो। देखे, कौन सबसे अधिक शब्द खोज पाता है।


8

कौन ऐसा

नीचे लिखी चीज़ो जैसी कुछ और चीज़ो के नाम सोचकर लिखो-


क) जुगनू जैसे चमकीले .............................


ख) तारों जैसे झिलमिल ................................


ग) हीरों जैसे दमकते ............................


घ) फूलों जैसे सुंदर ..............................


10

रूप बदलकर

चमक-चमकना-चमकाना-चमकवाना


‘चमक’ शब्द के कुछ रूप ऊपर लिखे हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों का रूप बदलकर सही जगह पर भरो-


दमक, सरक, बिखर, बन


क) जऱा सा रगड़ते ही हीरे ने..............................शूरू कर दिया।


ख) तुम यह कमीज़ किस दर्जी से........................चाहते हो?


ग) साँप ने धीरे-धीरे......................... शुरू कर दिया।


घ) लकी को मूर्ख........................तो बहुत आसान है।


ङ) तुमने अब खिलौने ....................बंद कर दिए?