गाँव और पशु
“सवेरे-सवेरे अपने पशुओं की ये आवाजें सुनने के लिए उसके कान तरस गए थे।”
गोमा ने बहुत समय बाद अपने पशुओं की वे आवाजें सुनी थीं। क्यों?
गांव में तीन सालों से बारिश नहीं हुई थी ऐसे में उसके खेत खलिहान हरियाली से सूने हो चुके थे। समय पर दाना-पानी न मिलने की वजह से जानवर भी कमजोर होने लगे थे। गांव में सूखा फैलने जैसी स्थिति बनने लगी थी, लेकिन एक दिन सुबह जब वह सोकर उठा तो बकरियां मिमिया रही थीं। उसके कान पशुओं की आवाज सुन रहे थे। मौसम सुहाना हो गया था। पत्नी की आवाज सुनकर जब गोमा बाहर आया तो उसने वर्षा का पानी देख बादलों को खूब निहारा।
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