Q1 of 7 Page 143

कविता में दो शब्दों के मध्य (-) का प्रयोग किया गया है, जैसे- ‘जिससे उथल-पुथल मच जाए’ एवं ‘कण-कण में है व्याप्त वही स्वर’। इन पंक्तियों को पढि़ए और अनुमान लगाइए कि कवि ऐसा प्रयोग क्यों करते हैं?

कविता में उथल—पुथल, कण—कण, क्षुब्ध—युद्ध, भ्रू—विलास आदि कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ है जिसके मध्य में (-) का इस्तेमाल हुआ है। हिंदी के कुछ शब्दों को साथ में ही बोला जाता है। अगर एक ही शब्द का प्रयोग करेंगे तो वो अधूरा लगेगा और कवि उस शब्द के माध्यम से जो भी कहना चाहता है वो कह भी नहीं पायेगा| जैसे उथल, पुथल के बिना अधूरा सा लगता है। तभी लोग उसका सही अर्थ समझ पाते हैं। साथ ही ऐसे शब्दों से पता चलता है कि कवि को हिंदी भाषा का अच्छा ज्ञान है। इन शब्दों के इस्तेमाल से कविता हिंदी के अनुसार मजबूत मानी जाती है और हम अपनी बात को भी प्रभावी ढंग से कह पाते हैं|


More from this chapter

All 7 →
1

स्वाधीनता संग्राम के दिनों में अनेक कवियों ने स्वाधीनता को मुखर करने वाली ओजपूर्ण कविताएं लिखीं। माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ऐसी कविताओं की चार-चार पंक्तियां इकट्ठा कीजिए जिनमें स्वाधीनता के भाव ओज से मुखर हुए हैं।

1

कविता के मूलभाव को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इसका शीर्षक ‘विप्लव गायन’ क्यों रखा गया होगा?

2

कविता में (,-।) आदि जैसे विराम चिह्नों का उपयोग रुकने, आगे-बढ़ने अथवा किसी खास भाव को अभिव्यक्त करने के लिए किया जाता है। कविता पढ़ने में इन विराम चिह्नों का प्रभावी प्रयोग करते हुए काव्य पाठ कीजिए। गद्य में आमतौर पर है शब्द का प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है, जैसे-देशराज जाता है। अब कविता की निम्न पंक्तियों को देखिए-

कण-कण में है व्याप्त-----वही तान गाती रहती है,’


इन पंक्तियों में है शब्द का प्रयोग अलग-अलग जगहों पर किया गया है। कविता में अगर आपको ऐसे अन्य प्रयोग मिलें तो उन्हें छाँटकर लिखिए।


3

निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए-

कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ----एक हिलोर उधर से आए’,


इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के और शब्द/पद छांटकर लिखिए। तुकबंदी के इन छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए/कविता पढि़ए।