सोचा और जवाब दो
रहमत ने एक धोखेवाज़ आदमी को छुरा मार दिया। क्या अगर रहमत की जगह होते तो क्या करते?
रहमत ने एक धोखेबाज व्यक्ति को छुरा मारा था। इसके बावजूद पुलिस उसे पकड़कर ले गई। मैं रहमत की जगह होता तो उसे शख्स को छुरा कभी नहीं मारता। मैं उससे लड़—झगड़कर पैसे जरूर वापस लेता। कानून ने किसी भी व्यक्ति को हिंसा करने की इजाजत नहीं दी है। इंसाफ के लिए हमें पुलिस और कानून की मदद लेनी चाहिए।
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