सोचो और बताओ
कवि एक नया संसार बसाना चाहता है जहाँ मानव की मेहनत पूजी जाए, जहाँ जनता में एकता हो, जहाँ सब समान हों, जहां सभी सुखी हों। तुम्हें अपने संसार में ऊपर लिखी बातें नज़र आती हैं या नहीं? इन बातों के होने या न होने का क्या कारण है?
नहीं, हमारे संसार में ऊपर लिखीं बातें पूरी तरह से नजर नहीं आती। बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो मेहनत करते हैं और उसके पश्चात भी अन्यों से बहुत पीछे हैं। अपने आस-पास मुझे रिक्शे वालों की हालत देख दुख होता है। वो दिन भर इतनी मेहनत करते हैं, बावजूद उसके उन्हें अपना जीवन जीने के लिए तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यहां धनवान और घनवान हो रहा है और गरीब और ज्यादा गरीब। इसके अलावा यहां सभी को एक समान बिल्कुल नहीं माना जाता। जाति भेद को लेकर सब आपस में लड़ रहे हैं। इसलिए यहां कोई सुखी नहीं है।
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