कविता का हर बंध ‘वह चिड़िया जो’ से शुरू होता है और मुझे बहुत प्यार है पर खत्म होचा है। तुम भी इन पंक्तियों का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से कविता में कुछ नए बंध जोड़ो।
वह चिड़िया जो
चूं चूं करती मेरी आंगन में आती है
दाने चुगकर अपने घर को रोजाना लौट जाती है
मेहनत करके बच्चों का पेट पालती है
उस चिड़िया से मुझे प्यार है
वह चिड़िया जो
तिनका तिनका इकट्ठा करती
रोजाना घर की नींव रखती
सबके मन को भाता है उसका ये काम
उस चिड़िया पर मुझे बहुत प्यार है
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