गर्मियों या सर्दियों में जब तुम्हारी लंबी छुट्टियाँ होती हैं, तो तुम्हारा दिन कैसे बीतता है? अपनी बुआ या किसी और को एक पोस्टकार्ड या अंतरदेशीय पत्र लिखकर बताओ।
6/12 मणीनाथ
बरेली
19.04.2019
प्रणाम बुआ जी,
हम लोग यहां पर ठीक हैं। आशा करती हूं कि वहां पर भी सब कुशल मंगल होगा। बहुत दिन हो गए आप लोगों के हालचाल नहीं मिले इसलिए मैंने सोचा कि आपके हालचाल लिए जाएं। हम लोगों की गर्मियों की छुट्टिया शुरू हो गई हैं। पहले तो हम लोग सोच रहे थे कि बरेली आकर थोड़ा वक्त आप लोगों के साथ बिताए लेकिन पापा को कुछ जरूरी काम से बाहर जाना पड़ रहा है। इसलिए अभी तो मुलाकात होना संभव नहीं लग रहा। मैंने 9वीं कक्षा में टॉप किया है। छुट्टियों में ही मैंने 10वीं की पढ़ाई शुरू कर दी है। इस बार मेरा बोर्ड है तो अभी से चिंता हो रही है। अगले महीने दीदी की शादी है तब हम लोगों की मुलाकात होगी। अपको और फूफा जी को सादर प्रणाम और अंकुर-अभिषेक को ढेर सारा प्यार।
आपकी भतीजी
प्रेषककर्ता का नाम
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