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गर्मियों या सर्दियों में जब तुम्हारी लंबी छुट्टियाँ होती हैं, तो तुम्हारा दिन कैसे बीतता है? अपनी बुआ या किसी और को एक पोस्टकार्ड या अंतरदेशीय पत्र लिखकर बताओ।

6/12 मणीनाथ


बरेली


19.04.2019


प्रणाम बुआ जी,


हम लोग यहां पर ठीक हैं। आशा करती हूं कि वहां पर भी सब कुशल मंगल होगा। बहुत दिन हो गए आप लोगों के हालचाल नहीं मिले इसलिए मैंने सोचा कि आपके हालचाल लिए जाएं। हम लोगों की गर्मियों की छुट्टिया शुरू हो गई हैं। पहले तो हम लोग सोच रहे थे कि बरेली आकर थोड़ा वक्त आप लोगों के साथ बिताए लेकिन पापा को कुछ जरूरी काम से बाहर जाना पड़ रहा है। इसलिए अभी तो मुलाकात होना संभव नहीं लग रहा। मैंने 9वीं कक्षा में टॉप किया है। छुट्टियों में ही मैंने 10वीं की पढ़ाई शुरू कर दी है। इस बार मेरा बोर्ड है तो अभी से चिंता हो रही है। अगले महीने दीदी की शादी है तब हम लोगों की मुलाकात होगी। अपको और फूफा जी को सादर प्रणाम और अंकुर-अभिषेक को ढेर सारा प्यार।


आपकी भतीजी


प्रेषककर्ता का नाम


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1

श्यामा माँ से बोली, मैंने आपकी बातचीत सुन ली है। ऊपर दिए उदाहरण में मैने का प्रयोग ‘श्यामा’ के लिए और आपकी का प्रयोग ‘माँ’ के लिए हो रहा है। जब सर्वनाम का प्रयोग कहने वाले, सुनने वाले या किसी तीसरे के लिए हो, तो उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। नीचे दिए गए वाक्यों में तीनों प्रकार के पुरुषवाचक सर्वनामों के नीचे रेखा खींचोः

एक दिन दीपू और नीलू यमुना तट पर बैठे शाम की ठंडी हवा का आनंद ले रहे थे। तभी उन्होंने देखा के एक लंबा आदमी लड़खड़ाता हुआ उनकी ओर चला आ रहा है। पास आकर उसने बड़े दयनीय स्वर में कहा, मैं भूख से मरा जा रहा हूँ। क्या आप मुझे कुछ खाने को दे सकते हैं?


2

तगड़े बच्चे, मसालेदार सब्जी , बड़ा अंडा

यहाँ रेखांकित शब्द क्रमशः बच्चे, सब्जी और अंडे की विशेषता यानी गुण बता रहे हैं, इसलिए ऐसे विशेषणों को गुणवाचक विशेषण कहते हैं। इसमें व्यक्ति या वस्तु के अच्छे बुरे हर तरह के गुण आते हैं। तुम चार गुणवाचक विशेषण लिखो और उनसे वाक्य बनाओ।


3

(क) केशव ने झुँझलाकर कहा ---------

(ख) केशव रोनी सूरत बनाकर बोला -------


(ग) केशव घबराकर उठा -------


(घ) केशव ने टोकरी को एक टहनी से टिकाकर कहा-------


(घ) श्यामा ने गिड़गिड़ाकर कहा-------------


ऊपर लिखे वाक्यों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखो। ये शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण का काम कर रहे हैं, क्योंकि ये बताते हैं कि कहने, बोलने और उठने की क्रिया कैसे हुई। ‘कर’ वाले शब्दों के क्रियाविशेषण होने की एक पहचान यह भी है कि ये अक्सर क्रिया से ठीक पहले आते हैं। अब तुम इन पाँच क्रियाविशेषणों का वाक्यों में प्रयोग करो।


4

नीचे प्रेमचंद की कहानी ‘सत्याग्रह’ का एक अंश दिया गया है। तुम इसे पढ़ोगे तो पाओगे कि विराम-चिह्नों के बिना यह अंश अधूरा-सा है। तुम आवश्यकता के अनुसार उचित जगहों पर विराम-चिह्न लगाओ:

उसी समय एक खोमचेवाला जाता दिखाई दिया 11 बज चुके थे चारों तरप़फ़ सन्नाटा छा गया था पंडित जी ने बुलाया खोमचेवाले खोमचेवाला कहिए क्या दूँ भूख लग आई न अन्न-जल छोड़ना साधुओं का काम है हमारा आपका नहीं मोटेराम अबे क्या कहता है यहाँ क्या किसी साधु से कम हैं चाहें तो महीनों पड़े रहें और भूख न लगे तुझे तो केवल इसलिए बुलाया है कि जरा अपनी कुप्पी मुझे दे देखूँ तो वहाँ क्या रेंग रहा है मुझे भय होता है