‘जिन लोगों के पास आँखें हैं, वे सचमुच बहुत कम देखते हैं’- हेलेन केलर को ऐसा क्यों लगता था?
जिन लोगों के पास आंखें हैं फिर भी वह कम देखते हैं ऐसा हेलेन केलर को इसलिए लगता था क्योंकि जब भी उन्होंने किसी से कुछ पूछा कि आपने क्या देखा? तो जवाब में उन्हें सिर्फ यह सुनाने को मिला की कुछ खास नहीं। यह जवाब सुनकर हेलेन केलर को बहुत तकलीफ होती थी। हेलेन केलर की आंखें नहीं थी इसके बावजूद उन्होंने कई किताबें लिखी। हर चीज को अपने हाथों से महसूस किया और उसकी सुंदरता को बंद आंखों से होते हुए कलम के जरिए कागज पर उतारा। हेलेन केलर जब बिना आंखों के इतना सबकुछ महसूस करके लिख सकती थीं तो लोगों का यह जवाब कि कुछ खास नहीं देखा उन्हें सुनने में अटपटा लगता था।
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.