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क्या लोकगीत और नृत्य सिर्फ गाँवों या कबीलों में ही गाए जाते हैं? शहरों के कौन-से लोकगीत हो सकते हैं? इस पर विचार कर लिखो।

पहले लोकगीत सिर्फ गांव और कबीलों में ही गाए जाते थे। समय के साथ धीरे-धीरे बदलाव आया और लोकगीतों ने शहरों की ओर रुख किया। शादी, जन्मोत्सव, शगुन और खास त्योहारों पर अब लोकगीतों की गूंज शहरों में भी सुनाई देने लगी है। लोकगीतों का प्रचलन अब शहरों में बढ़ गया है और उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि गांव से लोग शहरों में आकर बसने लगे हैं जिस वजह से लोकगीतों का प्रचलन शहरों में भी शुरू हो गया।


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3

निबंध के आधार पर और अपने अनुभव के आधार पर (यदि तुम्हें लोकगीत सुनने के मौके मिले हैं तो) तुम लोकगीतों की कौन-सी विशेषताएँ बता सकते हो?

4

पर सारे देश के --------अपने-अपने विद्यापति हैं।’ इस वाक्य का क्या अर्थ है? पाठ पढ़कर मालूम करो और लिखो।

2

‘जीवन जहाँ इठला-इठलाकर लहराता है, वहाँ भला आनंद के स्त्रोतों की कमी हो सकती है? उद्दाम जीवन के ही वहाँ के अनंत संख्यक गाने प्रतीक हैं।‘ क्या तुम इस बात से सहमत हो? ‘बिदेसिया’ नामक लोकगीत से कोई कैसे आनंद प्राप्त कर सकता है और वे कौन लोग हो सकते हैं जो इसे गाते-सुनते हैं? इसके बारे में जानकारी प्राप्त करके कक्षा में सबको बताओ।

1

लोक’ शब्द में कुछ जोड़कर जितने शब्द तुम्हें सूझें, उनकी सूची बनाओ। इन शब्दों को ध्यान से देखो और समझो कि इनमें अर्थ की दृष्टि से क्या समानता है। इन शब्दों से वाक्य भी बनाओ, जैसे- लोककला।