क्या लोकगीत और नृत्य सिर्फ गाँवों या कबीलों में ही गाए जाते हैं? शहरों के कौन-से लोकगीत हो सकते हैं? इस पर विचार कर लिखो।
पहले लोकगीत सिर्फ गांव और कबीलों में ही गाए जाते थे। समय के साथ धीरे-धीरे बदलाव आया और लोकगीतों ने शहरों की ओर रुख किया। शादी, जन्मोत्सव, शगुन और खास त्योहारों पर अब लोकगीतों की गूंज शहरों में भी सुनाई देने लगी है। लोकगीतों का प्रचलन अब शहरों में बढ़ गया है और उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि गांव से लोग शहरों में आकर बसने लगे हैं जिस वजह से लोकगीतों का प्रचलन शहरों में भी शुरू हो गया।
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