Q2 of 13 Page 103

जैसे-जैसे शहर फैल रहे हैं और गाँव सिकुड़ रहे हैं, लोकगीतों पर उनका क्या असर पड़ रहा है? अपने आसपास के लोगों से बातचीत करके और अपने अनुभवों के आधार पर एक अनुच्छेद लिखो।

गांव में लोकगीत अक्सर कहीं न कहीं गाते हुए लोग दिख जाएंगे। शहर में ऐसा नहीं है। शहरों के विस्तार होने से गांव का स्वरूप छोटा होता जा रहा है। कोई गांव छोड़ शहर में आ रहा है तो कोई पारंपरिक लोकगीत गाने के काम को छोड़ अब नौकरी तरफ रुख करने लगा है। इन सबका बुरा असर लोकगीतों पर पड़ रहा है। हालांकि शहरों में अब इन लोकगीतों की पूछ होने लगी है। खास बात यह है कि यह लोकगीत शहरों में शादी ब्याह के मौके पर या फिर बच्चे के जन्म के समय ही ज्यादातर लोग सुनना पसंद करते है। जिससे इनका अस्तित्व अभी बचा हुआ है लेकिन भविष्य के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता|


More from this chapter

All 13 →
3

को, में, से आदि वाक्य में संज्ञा का दूसरे शब्दों के साथ संबंध दर्शाते हैं। ‘झाँसी की रानी’ पाठ में तुमने का के बारे मे जाना। नीचे ‘मंजरी जोशी’ की पुस्तक ‘भारतीय संगीत की पंरपरा’ से भारत के एक लोकवाद्य का वर्णन दिया गया है। इसे पढ़ो और रिक्त स्थानों में उचित शब्द लिखो:

तुरही भारत के कई प्रांतों में प्रचलित है। यह दिखने ---------अंग्रेजी के एस या सी अक्षर ------------------तरह होती है। भारत ------विभिन्न प्रांतों में पीतल या काँसे --------------बना यह वाद्य अलग-अलग नामों ------------- जाना जाता है। धातु की नली --------घुमाकर एस ----------आकार इस तरह दिया जाता है कि उसका एक सिरा सँकरा रहे और दूसरा सिरा घंटीनुमा चौड़ा रहे। फूँक मारने --------------एक छोटी नली अलग -------- जोड़ी जाती है। राजस्थान ---------इसे बर्गू कहते हैं। उत्तर प्रदेश -------------- यह तूरी, मध्य प्रदेश और गुजरात -----------रणसिंघा और हिमाचल प्रदेश -------नरसिंघा -------------- नाम से जानी जाती है। राजस्थान और गुजरात में इसे काकड़सिंघी भी कहते हैं।


1

भारत के नक्शे में पाठ में चर्चित राज्यों के लोकगीत और नृत्य दिखाओ।

1

अपने इलाके के कुछ लोकगीत इकट्ठा करो। गाए जाने वाले मौकों के अनुसार उनका वर्गीकरण करो।

3

रेडियो और टेलीविजन के स्थानीय प्रसारणों में एक नियत समय पर लोकगीत प्रसारित होते हैं। इन्हें सुनो और सीखो।