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पाठ में बताया गया है कि गाँधी जी और उनके साथी आश्रम में रहते थे। घर और स्कूल के छात्रवास से गाँधीजी का आश्रम किस तरह अलग था? कुछ वाक्यों में लिखो।

गांधी जी के आश्रम की तुलना में घर और स्कूल के छात्रावास का माहौल काफी अलग होता होगा। घर में परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते हैं जबकि छात्रावास में सभी छात्र-छात्राएं रहते हैं। छात्रावास में रहकर बच्चे सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देते हैं। वहीं गांधी जी के आश्रम की बात की जाए तो उसमें उनके परिवार के अलावा समाज सेवक भी रहते होंगे। आश्रम की हर चीज का ध्यान रखना, चक्की से आटा पीसना, सब्जिया काटना, कुएं से पानी निकालना काम भी वह खुद करते थे। इसके अलावा गांधी से मिलने के लिए लोग आते जाते रहते होंगे। साथ ही आश्रम में रहकर वे देश की राजनीतिक हलचल पर अपनी निगाहे रखते थे और स्वतंत्रता आंदोलन की योजना बनाकर उसकी दिशा तय करते थे।


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2

नौकरों को हमें वेतनभोगी मजदूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इसमें कुछ कठिनाई हो सकती है, फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी। गाँधी जी ऐसा क्यों कहते होंगे? तर्क के साथ समझाओ।

3

गाँधी जी की कही-लिखी बातें लगभग सौ से अधिक किताबें में दर्ज है। घर के काम, बीमारों की सेवा, आगंतुकों से बातचीत आदि ढेरों काम करने के बाद गाँधी जी को लिखने का समय कब मिलता होगा? गाँधी जी का एक दिन कैसे गुजरता होगा, इस पर अपनी कल्पना से लिखो।

5

ऐसे कामों की सूची बनाओ जिन्हें तुम हर रोज खुद कर सकते हो?

1

(क) ‘पिसाई’ संज्ञा है। ‘पीसना’ शब्द से ‘ना’ निकाल देने पर ‘पीस’ धातु रह जाती है। ‘पीस’ धातु में ‘आई’ प्रत्यय जोड़ने पर ‘पिसाई’ शब्द बनता है। किसी-किसी क्रिया में प्रत्यय जोड़कर उसे संज्ञा बनाने के बाद उसके रूप् में बदलाव आ जाता है, जैसे ढोना से ढुलाई, बोना से बुआई।

मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाने वाले शब्दांश को प्रत्यय करते हैं।


नीचे कुछ संज्ञाएँ दी गई हैं। बताओ, ये किन क्रियाओं से बनी हैं?


रोपाई -------------------- कटाई-----------------


सिंचाई ------------------ सिलाई -----------------


कताई ----------------- रँगाई -----------------------