फ़ादर बुल्के ने संन्यासी की परंपरागत छवि से अलग एक नयी छवि प्रस्तुत की है, कैसे?
संन्यासी अर्थात् वह व्यक्ति जिसने सांसारिक मोह त्याग दिया हो परन्तु फ़ादर बुल्के ने संन्यासी की परंपरागत छवि से अलग एक नयी छवि प्रस्तुत की है| वह भी एक संन्यासी थे लेकिन हमेशा दूसरों के कल्याणार्थ सदैव तत्पर रहते थे| वह सबसे मिल जुल कर रहते थे एवं सुबके सुख दुःख में साथ रहते थे|
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