निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
कवि ने दधीचि, कर्ण आदि महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर ‘मनुष्यता के लिए क्या संदेश दिया है?’
प्रस्तुत कविता में कवि ने दधीचि, कर्ण आदि जैसे महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर संपूर्ण संसार के मनुष्य को मनुष्यता, त्याग और बलिदान का संदेश दिया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार दधीचि ऋषि ने अपनी अस्थियों तक का दान कर वृत्रासुर से देवताओं की रक्षा करने में सफल हुए थे। इसी प्रकार कर्ण ने अपने जीवन-रक्षक कवच-कुंडल को अपने शरीर से अलग करके दान में दे दिया था। रंतिदेव नामक दानी राजा ने भूख से व्याकुल ब्राह्मण को अपने हिस्से का भोजन दे दिया था। राजा शिवि ने कबूतर के प्राणों की रक्षा हेतु अपने शरीर का मांस काटकर दे दिया। ये कथाएँ हमें परोपकार का संदेश देती हैं। ऐसे महान लोगों के त्याग के कारण ही मनुष्य जाति का कल्याण संभव हो सकता है। कवि के अनुसार मनुष्य को इस नश्वर शरीर के लिए मोह का त्याग कर देना चाहिए। उसे केवल परोपकार करना चाहिए। वास्तव में सच्चा मनुष्य वही होता है जो दूसरे मनुष्य के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दे। अपने लिए तो सभी जीते हैं पर जो समाज एवं समाज में रहने वाले जरुरतमंदों के लिए जीता और मरता है उसका जीवन धन्य हो जाता है। दूसरे का भला करने में चाहे अपना नुकसान ही क्यों न हो, लेकिन हमेशा दूसरे का भला करना चाहिए क्योंकि दूसरों के भले में हमारा भी भला होता है|
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