निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
‘विपदाओं से मुझे बचाओ, यह मेरी प्रार्थना नहीं’- कवि इस पंक्ति के द्वारा क्या कहना चाहता है?
कवि प्रस्तुत कविता में इस पंक्ति ‘विपदाओं से मुझे बचाओ,यह मेरी प्रार्थना नहीं’- द्वारा अपने आप को ईश्वर से उन पर पड़ने वाली विपदाओं से बचाने का अनुरोध नहीं करते हैं। कहने का अर्थ है कवि अपने उपर आने वाली विपदाओं में सर्वशक्तिमान ईश्वर से उन्हें कोई विशेष छूट देने की प्रार्थना नहीं करते हैं। वे करुणामय ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि विपदाओं के आने की स्थिति में वे उन्हें भयमुक्त कर दें ताकि वह उनका डटकर सामना कर सके। कवि ईश्वर से अपने हिस्से की विपदा से बचाने का उनसे अनुरोध नहीं करता है। यही इस कथन का आशय है|
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