लेखिका की नानी की आजादी के आंदोलन में किस प्रकार की भागीदारी रही?
लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में अप्रत्यक्ष रूप से भागी दारी रही है।
(क) उन्होंने कभी अंग्रेजियत को स्वीकारा नहीं। जबकि उनके पति अंग्रेजों के भक्त थे फिर भी नानी ने कभी अंग्रेजों की जीवन शैली को नहीं अपनाया| उन्होंने अपना रहन सहन भारतीय ही रखा।
(ख) नानी ने अपनी बेटी की शादी क्रांतिकारी से करने की इच्छा व्यक्त की जिससे उनके देश के प्रति प्रेम की भावना का पता चलता है। उनका सबसे बड़ा योगदान यह है कि अपने बच्चों को इस विवाह की घटना से उन्होंने अँग्रेजो का भक्त बनने से मुक्त करा लिया और देश के क्रांतिकारियों को भी बड़ी प्रेरणा प्रदान की।
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