सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबंधित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आँखें नम हो गई थी?
सालिम अली ने पक्षी और प्रकृति का गहन अध्ययन किया था। इसके लिए उन्होंने पूरी उम्र यात्राएं कीं। जब वो केरल पहुंचे तो वहां उन्हें पर्यावरण को खतरा होने का आभास हुआ। दरअसल, सालिम अली ने देखा कि केरल की साइलेंट वैली को रेगिस्तानी हवा के झोकों से नुकसान पहुंच रहा है। साइलेंट वैली को बचाने का अनुरोध लेकर वो तत्कालीन प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पास पहुंचे थे। चौधरी चरण सिंह भी पर्यावरण और प्रकृति के अच्छे जानकार थे। सालिम अली ने पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने, पक्षियों की रक्षा, वनों की अंधाधुंध कटाई आदि बातें उठाई होंगी। साथ ही इससे होने वाले नुकसान से भी अवगत कराया होगा। सालिम अली की ऐसी निःस्वार्थ बातें तथा पर्यावरण की चिंता जानकर चौधरी साहब की आँखें नम हो गई होंगी। इससे दोनों ही व्यक्तियों की पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का पता चलता है|
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