महादेवी ने कवि सम्मेलनों में कविता पाठ के लिए अपना नाम बुलाए जाने से पहले होने वाली बेचैनी का ज़िक्र किया है। अपने विद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय आपने जो बेचैनी अनुभव की होगी, उस पर डायरी का एक पृष्ठ लिखिए।
25 जनवरी 2019
आज हमारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव मनाया गया। वार्षिकोत्सव के दौरान विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गए और इसमें मैं संगीत कार्यक्रम में भाग लिया था| मुझे इसमें अपना एक गाना प्रस्तुत करने का मौका दिया गया था| यह पहला मौका था मेरी जब मैं इतने बड़े कार्यक्रम में सबके सामने संगीत की प्रस्तुति देने वाला था| कार्यक्रम में सबसे पहले भाषण, वाद, विवाद, नृत्य और उसके पश्चात संगीत का प्रदर्शन किया जाना था| नृत्य का कार्यक्रम जैसे ही ख़त्म होता मेरा नंबर आने वाले था| मेरा नंबर जैसे जैसे करीब आ रहा था भय के मारे मेरी सांसे फूलने लगी थी और मैं स्टेज पर चढ़ने के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी| थोड़ी देर के बाद मेरा नाम आया और थोड़ी सी हिम्मत जुटाकर मैं स्टेज पर चढ़ गया और अंततः डरकर, संभालकर मैंने अपनी प्रस्तुति दी| बजीं। कार्यक्रम के अंत में मुझे पुरस्कृत किया गया। वह प्रदर्शन, वह पुरस्कार और तालियाँ सभी कुछ मुझे हमेशा याद रहेगा।
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