निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
हमारी देशभक्ति धूल को माथे से न लगाए तो कम-से-कम उस पर पैर तो रखे।
लेखक यहां हमें धूल की महत्ता को ना समझ पाने पर हमें उलाहना देता है। उनकी शिकायत सामान्य जन के ग्रामीण परिवेश से दूर भागने को लेकर है। उनका इस बारे में हममें से अधिकांश लोगों से शहरी माहौल को ग्रामीण वातावरण की तुलना में श्रेष्ठ मानने को लेकर ऐसा कहना है। वे लोगों में शहरीकरण की इस बढती प्रवृत्ति से काफी निराश दिखते हैं और उन्हें इनलोगों के वापस गांव की ओर लौटने की कोई संभावना भी नहीं देखते हैं। इस प्रकार वे हतास होकर इन लोगों से देशभक्ति की दुहाई देते हुए धूल को माथे से ना लगाने की स्थिति में उसपर पैर ही रख देने की अपील करते हैं।
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