निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।
इन पंक्तियों से कवि हमें समझा रहे हैं कि हर किसी को समान नजरों से देखना चाहिए। हर किसी चीज की उपयोगिता तय है। फिर चाहे वो छोटी वस्तु हो या बड़ी। ऐसा नहीं कि बड़ी चीज के आगे छोटी का कोई महत्व नहीं। कवि ने इस बात को सूई और तलवार का उदाहरण देकर समझाया है। सूई जो काम कर सकती है वो काम तलवार नहीं कर सकती। ठीक इसी तरह जो काम तलवार से लिया जा सकता है, वो सूई कभी नहीं कर सकती।
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